जानते हो ...........

 

 

जब तुम मुझसे मेरी चाय की कप ले लेते हो ...............और शरारत करते हुए ..............उसे अपने होठो से छूते हो ..............उस चाय में अमृत सा स्वाद आ जाता है..........................मैं तो बस ऐसे ही नखरे दिखाती हूँ ...................मुझे तुम्हारी हर अदा से प्यार है ||

सुनो

 तुम्हे मैं घंटो निहारती रहती हूँ ...................हाँ पता है ,, तुम मेरे करीब ही रहते हो ................ लेकिन जानां करीब से तुम्हे निहारना ..................मुझे बहोत पसंद है ..................तुम्हे अपने नजरो में भरने के अलावा कोइ और काम भी तो नहीं आता मुझे ||

तुम्हे सुनना
तुम्हे लिखना
तुम्हे महसूस करना
मेरा पसंदीदा काम है

मेरी जान 


प्रिया अंकित तिवारी  :)) 

 


 

Comments

Popular posts from this blog