मैं तुम्हारे साथ 

 

हर वो पागलपन करना चाहती हूँ ................जो सिर्फ कल्पना में कभी की है..........................तुम्हे सताना
तुम्हारी बाँहों का तकिया बनाना ...............तुम्हारी साथ बारिश में दौड़ लगाना ............................ दारू की पूरी बॉटल एक बार में ख़तम करना ......................और वो सारी बेवकूफियों वाली हरकते करना चाहती हूँ .................जिससे मुझे रोज लगे की मैं जिन्दा हूँ

हाँ तुमसे  पहले मैं मरे हुए लोगो में शामिल थी .....................तुम्हारी साँसों की गर्माहट ने मुझे फिर से नया जीवन दीया हैं
तो सोचती हूँ .....................थोड़ा जिया जाये .....................||

बोलो उम्र के आखरी पड़ाव तक हम ऐसे ही रहेंगे ..............................और मैं आखरी पड़ाव पर अपने जीवन का सबसे खूबसूरत किताब लिखूंगी तुम्हारे साथ ..............सिर्फ तुम्हारे साथ ||

प्रिया मिश्रा :))
  




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